आगे बढ़ें
- Imran Hasan Khan

- Jul 23, 2020
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बर्फीले मैदान हो या ज़िन्दगी के तूफान ,इंसान आगे तभी बढ़ सकता है जब वह अपने हाथ से दूसरे के हाथ को मज़बूती से पकड़े,समाज साथ होने बनता है और अकेलापन समाज मे अँधेरापन बढ़ाता है। इसलिए आओ साथ चले,साथ साथ आगे बढ़ें।
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