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आगे बढ़ें

Jul 23, 2020
1 min read

बर्फीले मैदान हो या ज़िन्दगी के तूफान ,इंसान आगे तभी बढ़ सकता है जब वह अपने हाथ से दूसरे के हाथ को मज़बूती से पकड़े,समाज साथ होने बनता है और अकेलापन समाज मे अँधेरापन बढ़ाता है। इसलिए आओ साथ चले,साथ साथ आगे बढ़ें।

 
 
 

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