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जिस्म

जिस्म का हर हिस्सा अपना होता है जब कभी कोई हिस्सा ज़ख्मी होता है तो दिलोदिमाग़ बेचैन हो उठता है ऐसा नही कि कोई छोटा और कम अहमियत वाला पार्ट हो तो उसे जाने दे या उस पर कोई तवज्जो ही न दें यही बात मुल्क के बादशाह पर भी लागू होती है सारी जनता एक समान है किसी को किसी पर तरजीह नही।सबके दर्द को महसूस करना उसका फ़र्ज़ है।

 
 
 

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